लाइव , किंग चार्ल्स ने ग़ुलामों के व्यापार को बताया 'शर्मनाक इतिहास'
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने इस बैठक में कहा कि वह ग़ुलामों के व्यापार के लिए ब्रिटेन की ओर से औपचारिक माफ़ी मांगने के विचार के ख़िलाफ़ नहीं हैं.
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
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किंग चार्ल्स ने ग़ुलामों के व्यापार को बताया 'शर्मनाक इतिहास'
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं को संबोधित करते किंग चार्ल्स
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं की बैठक का उद्घाटन किया. इस मौक़े पर उन्होंने ग़ुलामों के व्यापार के इतिहास का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा कि इतिहास का यह शर्मनाक दौर उन्हें डराता है.
किंग चार्ल्स ने इस मुद्दे पर अपनी निजी भावनाएं भी ज़ाहिर कीं.
हालांकि, उन्होंने ब्रिटेन की ओर से सीधे तौर पर माफ़ी नहीं मांगी.
बीबीसी के वरिष्ठ रॉयल संवाददाता के मुताबिक़, किंग ने अपने भाषण में सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने इस मुद्दे पर निजी तौर पर बात की, जिसका वहां मौजूद नेताओं पर असर पड़ सकता है.
किंग चार्ल्स ने दुनिया के सामने मौजूद कई बड़ी चुनौतियों का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे भीषण संघर्षों, जलवायु परिवर्तन के गंभीर असर और तेजी से बदलती तकनीक का ज़िक्र किया.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने इस बैठक में कहा कि वह ग़ुलामों के व्यापार के लिए ब्रिटेन की ओर से औपचारिक माफ़ी मांगने के विचार के ख़िलाफ़ नहीं हैं.
हालांकि, उनका मानना है कि मुआवज़ा देना इसका सही रास्ता नहीं है.
बर्नहम राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं के साथ बातचीत में कर्ज़ से जुड़ी एक नई योजना भी रख सकते हैं.
इसका मक़सद उन देशों की मदद करना है, जिन्हें कर्ज़ पर बढ़ते ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है.
राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं की यह बैठक हर दो साल में होती है. इसमें 56 देशों के नेता और प्रतिनिधि आपसी साझेदारी के भविष्य पर चर्चा करते हैं.
पराली जलाने के मुद्दे पर बीजेपी और आप नेता भिड़े
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इमेज कैप्शन, पंजाब के तरन-तारन में पराली में लगाई गई आग, यह तस्वीर 21 अक्तूबर की है
राजधानी दिल्ली में हवा के बढ़ते प्रदूषण के साथ ही पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने-सामने आ गई है.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि पराली जलाने की घटनाओं में 86 फ़ीसदी की कमी आई है, इसके बाद भी "बीजेपी के नेता झूठ बोल" रहे हैं.
संजय सिंह ने दावा किया कि साल 2021 में पंजाब में पराली जलाने के 71 हज़ार मामले दर्ज किए गए थे, जबकि साल 2025 में यह घटकर पांच हज़ार के क़रीब हो गया.
संजय सिंह ने कहा, "मैं भारतीय जनता पार्टी, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मनजिंदर सिंह सिरसा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हर किसी से कहूंगा कि पढ़ लिखकर बात करें."
इससे पहले दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा था अरविंद केजरीवाल दिल्ली में हार का बदला ले रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की आप सरकार किसानों पर दबाव डालकर पराली जलवा रही है.
दिल्ली में मंगलवार सुबह प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही एयर क्वालिटी 'बेहद ख़राब' श्रेणी में पहुंच गई.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक़, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 332 दर्ज किया गया.
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली के 57 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्रों पर एयर क्वालिटी 'गंभीर' श्रेणी में रही.
केदारताल में लापता ट्रेकर्स की तलाश के दौरान मिले महिला और पुरुष के शव, पहचान नहीं हो सकी, आसिफ़ अली, देहरादून से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में केदारताल ट्रेक पर लापता आठ लोगों की तलाश के दौरान मंगलवार को हिमस्खलन के मलबे में एक महिला और एक पुरुष के शव मिले हैं.
हालांकि, दोनों की पहचान नहीं हो सकी है. ख़राब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमों का अभियान जारी है.
उत्तरकाशी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की तीन नवंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक़, एनआईएम और एसडीआरएफ़ की संयुक्त टीम ने सुबह करीब 7:30 बजे से लापता लोगों की संभावित लोकेशन पर तलाशी अभियान चलाया.
इस दौरान हिमस्खलन के मलबे में दबे महिला और पुरुष के शव दिखाई दिए. टीम ने काफ़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला. प्रशासन के मुताबिक़, शवों की पहचान नहीं हो पाई है.
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे तलाशी अभियान समाप्त कर टीम बेस कैंप लौट आई. अब बुधवार, चार नवंबर को दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा.
प्रशासन के मुताबिक़, रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल पर एक वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार किया है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की मदद ली जा सके. यह स्थान समुद्र तल से करीब 4,005 मीटर की ऊंचाई पर है.
ग़ौरतलब है कि सात ट्रेकर्स और एक स्थानीय गाइड 27 अक्तूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुए थे. भारी बर्फ़बारी और हिमस्खलन के बाद से वे लापता हैं.
दिल्ली पुलिस ने एक्स से आईएफ़एफ़ का अकाउंट और पोस्ट हटाने को कहा, सीजेपी ने किया विरोध
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दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स से इंटरनेट फ़्रीडम फ़ाउंडेशन (आईएफ़एफ़) का अकाउंट हटाने को कहा है.
साथ ही आईएफ़एफ़ की छह पोस्ट, सॉफ़्टवेयर फ़्रीडम लॉ सेंटर और जियो ब्लॉक इन इंडिया के अकाउंट और 16 दूसरे यूज़र्स की पोस्ट को भी हटाने को कहा गया है.
आईएफ़एफ़ ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उसे एक्स की ओर से तीन नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली पुलिस के दोनों नोटिस की कॉपी मिली.
आईएफ़एफ़ के मुताबिक, पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि ये पोस्ट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छवि ख़राब करती हैं.
आईएफ़एफ़ को मिले नोटिस में तीनों संगठनों से सरकारी ब्लॉकिंग आदेशों की आलोचना और उनका दस्तावेज़ीकरण बंद करने की मांग की गई थी.
आईएफ़एफ़ ने दिल्ली पुलिस से दोनों नोटिस वापस लेने की मांग की है. संगठन ने कहा है कि अगर नोटिस वापस नहीं लिए गए, तो वह उन्हें अदालत में चुनौती देगा.
इस पोस्ट को सीजेपी के सौरव दास ने भी शेयर किया है.
सौरव दास ने एक्स पर लिखा, "आईएफ़एफ़ ने लोगों की ऑनलाइन आज़ादी की रक्षा के लिए शानदार काम किया है. उसके एक्स अकाउंट और पोस्ट हटाने के लिए दिल्ली पुलिस का नोटिस बेहद पिछड़ा है और अभिव्यक्ति की आज़ादी के प्रति गहरी असहिष्णुता दिखाता है. हम इसका कड़ा विरोध करते हैं और आईएफ़एफ़ के साथ एकजुटता से खड़े हैं."
आईएफ़एफ़ क्या है?
आईएफ़एफ़ भारत का एक डिजिटल अधिकारों से जुड़ा संगठन है.
इस संगठन की शुरुआत इंटरनेट की निष्पक्षता के समर्थन में चलाए गए 'सेव द इंटरनेट' आंदोलन से हुई थी. आईएफ़एफ़ नेट न्यूट्रलिटी, अभिव्यक्ति की आज़ादी, निजता और तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग जैसे कई मुद्दों पर काम करता है.
ट्रंप ने कहा, हमने ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम को निशाना बनाया, ईरान बोला- लड़ाई किसी के हित में नहीं
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए एक टेलीफ़ोनिक इंटरव्यू में पुष्टि की है कि अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं.
इससे पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट में स्थित क़ेश्म द्वीप को निशाना बनाया था.
ट्रंप ने कहा, "ईरान ने एयर डिफ़ेंस सिस्टम की एक इकाई बनाई थी और जैसे ही यह पूरी हुई, हमने बीती रात उसे सफलतापूर्वक निशाना बनाया."
उन्होंने इस कार्रवाई को "सीमित हमला" बताया.
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा युद्ध किसी के हित में नहीं होगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व में तनाव के एक नए दौर को टालने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं.
पेज़ेश्कियान ने सरकारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "इस युद्ध से किसी को फ़ायदा नहीं होगा."
उन्होंने कहा कि विवाद को "बातचीत के ज़रिए" सुलझाने की कोशिशें जारी हैं.
ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस्लामी गणराज्य के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई ने सरकार को उन मुद्दों पर बातचीत करने की इजाज़त दी है, जिन्हें पहले प्रतिबंधित माना जाता था. हालांकि, उन्होंने इन मुद्दों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया.
ईरान ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया
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ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार को होर्मोज़गान प्रांत में दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं.
आईआरजीसी के होर्मोज़गान प्रांत स्थित मुख्यालय के बयान के मुताबिक़, इन ड्रोनों को बंदरख़मीर शहर के आसमान में एकीकृत हवाई रक्षा प्रणाली की मदद से मार गिराया गया.
इस मामले पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
वहीं, अमेरिकी मीडिया ने सैन्य अधिकारियों के हवाले से बताया है कि मंगलवार सुबह आईआरजीसी की ओर से एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने क़ेश्म द्वीप के कुछ ठिकानों पर हमला किया.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने मंगलवार को कहा, "क्षेत्र के देशों को पता होना चाहिए कि जिस तरह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान हथियारों के साथ युद्ध के लिए तैयार है, उसी तरह उसने अमेरिकी पक्ष को भी कड़ा और तर्कसंगत जवाब दिया है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह युद्ध रोकने के लिए क्या करता है."
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल की दिशा होगी तय
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हो रहा है. अमेरिकी मतदाता यह तय करने के लिए वोट डाल रहे हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो वर्षों में कांग्रेस (संसद) पर किस पार्टी का नियंत्रण होगा.
इन चुनावों में हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स यानी निचले सदन की 435 सीटों और सीनेट यानी ऊपरी सदन की 35 सीटों के साथ ही कुछ राज्यों के महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान हो रहा है. इनमें गवर्नर के चुनाव भी शामिल हैं.
अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के मुताबिक़, देश के इतिहास में पहली बार सभी 50 राज्यों में क़रीब एक हज़ार चुनाव मॉनिटर और पर्यवेक्षक तैनात किए जा रहे हैं.
डीओजे ने कहा है कि इन पर्यवेक्षकों की मदद से यह जांच की जाएगी कि संघीय चुनाव क़ानूनों का पालन हो रहा है या नहीं. इसका मक़सद "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव" सुनिश्चित करने में मदद करना है.
फिलहाल ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण है. डेमोक्रेटिक पार्टी को उम्मीद है कि वह पर्याप्त सीटें जीतकर दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर सकती है.
अगर कांग्रेस पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो जाता है, तो उनके लिए ट्रंप की योजनाओं को रोकना आसान हो जाएगा. वे राष्ट्रपति और उनकी टीम के ख़िलाफ़ जांच भी शुरू कर सकते हैं.
बीबीसी न्यूज़ के नॉर्थ अमेरिका संवाददाता एंथनी जर्चर के अनुसार, इसमें ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की कोशिश भी शामिल हो सकती है.
इन चुनावों के शुरुआती नतीजे अमेरिकी समयानुसार शाम 6 बजे (ईएसटी) यानी भारत में 4 नवंबर की सुबह करीब 4:30 बजे (आईएसटी) के बाद आने शुरू होंगे.
यमन: हूती विद्रोहियों का आरोप- सऊदी अरब के ताजा हमलों में बच्चों समेत 17 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, हूती लड़ाकों के ख़िलाफ़ यमन की सरकारी सेना को पड़ोसी देश सऊदी अरब का समर्थन हासिल है
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ यमन के हूती हथियारबंद गुट का कहना है कि पिछले दो दिनों में सऊदी अरब के हमलों में 17 नागरिक मारे गए हैं.
हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में घोषणा की कि मरने वालों में ज़्यादातर बच्चे थे और "यह दिखता है कि सऊदी विमान घरों, आवासीय इलाक़ों और बाज़ारों को निशाना बना रहे हैं."
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों में सादा, तैज़, लाहज, अल-जॉफ और होदेइदा प्रांतों को "109 हवाई हमलों" में निशाना बनाया है.
यमन के हूती विद्रोहियों और देश की सरकारी सेना का समर्थन करने वाले सऊदी अरब के बीच संघर्ष लगातार जारी है.
पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने रियाद एयरपोर्ट पर हमला किया था, इसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे.
इसके बाद से सऊदी अरब में सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इसी को देखते हुए सऊदी अरब में होने वाला 2027 एशियन कप स्थगित कर दिया गया है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: कांग्रेस का आरोप- 'बड़े गुनाहगारों को बचा रहे हैं पीएम'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता जयराम रमेश (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर एक बार फिर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा.
जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने बड़े अभियुक्तों पर कार्रवाई किए बिना ही जांच पूरी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है.
उन्होंने लिखा, "क्या प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश में लोकलज्जा को बिल्कुल छोड़ चुके हैं?"
उन्होंने आगे लिखा, "श्रीराम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और मेहनत की कमाई का चढ़ावा चढ़ाया. आज उसी चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार कह रही है कि जांच पूरी हो गई, आठ लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल हो गई और सभी चढ़ावे तथा बहुमूल्य वस्तुओं का हिसाब मिल गया."
जयराम रमेश ने सवाल किया कि क्या आठ लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल कर देना ही पूरे मामले की जांच है? उन्होंने पूछा कि बाकी बड़े लोगों को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?
सम्राट चौधरी बोले, 'हमारे यहां क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं है', तेजस्वी यादव ने यूं ली चुटकी
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली के भारत मंडपम में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बिहार से अपराध का कॉन्सेप्ट ही ख़त्म हो गया है.
उन्होंने कहा, "हमारे यहां कोई अपराध नहीं है. अपराध का कॉन्सेप्ट ही ख़त्म हो गया है."
उन्होंने आगे कहा, "क्राइम हो सकते हैं, लेकिन अपराध नहीं है. कोई अपराधी नहीं है."
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह बयान वायरल होने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने उन पर निशाना साधा.
तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, "बिहार में 'क्राइम' हो सकता है, 'अपराध' नहीं."
उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा कि, "मंच पर बैठे आईएएस/आईपीएस , इनके साथ काम करने पर अपने आपको सम्मानित समझ रहे है या अपमानित? क्या श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस आदमी के हाथों बिहार को बर्बाद कराने की सुपारी ले रखी है?."
कार्टून: दूर, थोड़ा दूर
इमेज कैप्शन, दिल्ली में सीटीआई की रैली - प्रदर्शन पर रोक की मांग पर आज का कार्टून
ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज़ पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बताया है कि सोमवार को ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है.
रणधीर जायसवाल के मुताबिक, जहाज़ पर कुल 14 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे. इनमें से एक की मौत हो गई है.
उन्होंने कहा कि बाकी 13 भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही, मृतक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की भी कोशिश की जा रही है.
जायसवाल ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के लिए ओमान के अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया.
उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के ज़रिए शांति बहाल करने की अपील की. साथ ही कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और समुद्री रास्तों से जहाज़ों की आवाजाही की आज़ादी बहाल होनी चाहिए और इसकी गारंटी दी जानी चाहिए.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 23 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. इनमें 15 भारतीय नाविक थे.
वहीं उन्होंने बताया कि ब्लैक सी क्षेत्र में कमर्शियल जहाज़ों पर हुए हमलों में भी पांच भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि दो अब भी लापता हैं.
इसराइली सेना ने कहा- ईरान पर हुए ताज़ा हमलों में हमारी कोई भूमिका नहीं
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इमेज कैप्शन, क़ेशम द्वीप के एक हिस्से में विस्फोट की आवाज़ सुने जाने की खबरों के बाद, अमेरिकी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी सेना ने सोमवार रात को सीमित हमलों में क़ेशम द्वीप के कुछ क्षेत्रों को निशाना बनाया
इसराइली सेना ने मंगलवार को कहा कि ईरान के क़ेशम द्वीप पर कथित अमेरिकी हमलों में उसकी कोई भूमिका नहीं थी.
यह ख़बर ऐसे समय आई है जब इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने हाल ही में तेहरान के साथ युद्ध फिर से शुरू करने की धमकी दी थी.
समाचार एजेंसी एएफपी के एक सवाल के जवाब में, एक इसराइली सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि इसराइल ने बीती रात क़ेशम द्वीप पर हुए अमेरिकी हमलों में भाग नहीं लिया.
अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट में स्थित ईरान के क़ेशम द्वीप पर हमले किए हैं. अमेरिकी न्यूज़ आउटलेट फ़ॉक्स न्यूज़ और द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में इसे निशाना बनाने की बात सामने आई है.
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान पर हमले और तेज़ करने को लेकर कहा था कि उन्हें इसकी कोई जल्दबाज़ी नहीं है.
समाचार एजेंसी एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "हम किसी न किसी तरह कार्रवाई करेंगे, लेकिन इसमें कोई जल्दबाज़ी नहीं है. हमने उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह कमज़ोर कर दिया है."
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते'
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते. कोर्ट ने कहा कि ऐसी जगहों पर केवल एक तय समय के लिए ही रहा जा सकता है, ताकि दूसरे समूह भी उनका इस्तेमाल कर सकें.
बार एंड बेंच के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच दिल्ली में अक्तूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "आप हमेशा के लिए किसी प्रदर्शन स्थल पर कब्जा नहीं कर सकते. दूसरे प्रदर्शनकारी भी हैं. किसान कहां जाएंगे? मजदूर कहां जाएंगे? ट्रेड यूनियन कहां जाएंगी? बेघर लोग कहां जाएंगे? हर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार है."
कोर्ट ने प्रदर्शनों की वजह से दिहाड़ी मजदूरों को होने वाले नुकसान का भी जिक्र किया.
सीजेआई ने कहा, "यहां अलग-अलग तरह के दावे हैं. विरोध करने का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, ठीक वैसे ही जैसे व्यापार करने का अधिकार है. हम सिर्फ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के व्यापार की बात नहीं कर रहे हैं. हम दिहाड़ी मजदूर की रोजी-रोटी के साधन की बात कर रहे हैं. वह अपनी रोज की रोटी कमाने के लिए कहां जाएगा?"
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) को केवल एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन वे वहां 17 दिनों तक डटे रहे.
उन्होंने कहा, "इसके बाद बिना अनुमति लिए उन्होंने संसद की ओर मार्च किया. संसद सिर्फ एक राजनीतिक इमारत नहीं है. यह भारत की संप्रभुता का प्रतीक है. आपको संसद तक जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसी तरह, बिना अनुमति के भारत के सुप्रीम कोर्ट तक जाकर विरोध प्रदर्शन करने की भी इजाज़त नहीं दी जा सकती."
केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में कहा- क़दीमी मस्जिद की ज़मीन सरकारी है
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इमेज कैप्शन, दिल्ली स्थित कृषि भवन परिसर के अंदर क़दीमी मस्जिद मौजूद है (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि राजधानी दिल्ली के कृषि भवन परिसर में स्थित क़दीमी मस्जिद को उसकी मौजूदा जगह पर नहीं रखा जा सकता.
सरकार के मुताबिक़, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) की इमारत संख्या 4 और 5 के पुनर्विकास के लिए इस ज़मीन की ज़रूरत है.
लाइव लॉ के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि कृषि भवन में मस्जिद सरकारी संपत्ति के सेक्युलर कैरेक्टर के ख़िलाफ़ है, इसे हटाना ज़रूरी है.
भूमि एवं विकास कार्यालय (एलडीओ) के ज़रिए दाखिल अपनी रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा है कि मस्जिद की ज़मीन सरकारी है, मस्जिद की देखरेख करने वाली समिति को साल 1940 में हुए एक समझौते के तहत इस जगह पर रहने और इसका इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी.
सरकार का कहना है कि इस समझौते से समिति को ज़मीन का मालिकाना हक़ नहीं मिला था.
सरकार ने यह जवाब क़दीमी मस्जिद की ओर से दायर याचिका पर दिया है. मस्जिद की देखरेख करने वाली समिति ने धार्मिक ढांचे को लेकर सरकार की प्रस्तावित कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा- 'सीसीटीवी को इस तरह न लगाएं कि...'
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इमेज कैप्शन, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके पड़ोसी ने अपने घर में सीसीटीवी इस तरह लगाया कि उनके मकान के आने-जाने के रास्तों पर नज़र रखी जा सकती है (सांकेतिक तस्वीर)
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपने पर्सनल सीसीटीवी कैमरे को इस तरह से नहीं लगा सकता, जिससे उसके पड़ोसी की निजता का उल्लंघन हो.
बार एंड बेंच के अनुसार, जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने योगेंद्र मौर्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.
मामले में याचिकाकर्ता योगेंद्र मौर्य ने आरोप लगाया था कि उनके पड़ोसी ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरा इस तरह लगाया है कि उससे उनके मकान के आने-जाने के रास्तों पर नज़र रखी जा सकती है.
याचिकाकर्ता का कहना था कि कैमरे की पोजीशन के कारण उनके घर आने-जाने वाले लोगों की निजता भी प्रभावित हो रही है. याचिकाकर्ता ने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए हाई कोर्ट का रुख़ किया था.
मामले पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा, "किसी भी निजी सीसीटीवी कैमरा को इस तरह से इंस्टॉल या पोज़ीशन नहीं किया जा सकता, जिससे पड़ोसी की निजता में हस्तक्षेप हो."
हालांकि, हाई कोर्ट ने सीसीटीवी कैमरा हटाने का सीधा आदेश नहीं दिया. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह राहत पाने के लिए संबंधित ज़िला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करे.
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ता कैमरा हटाने के लिए आवेदन देता है, तो ज़िला मजिस्ट्रेट को एक महीने के भीतर उस पर विचार कर फ़ैसला लेना होगा.
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सऊदी अरब में होने वाला एशियन कप स्थगित, ये है वजह, मनदीप संघेरा, बीबीसी स्पोर्ट जर्नलिस्ट
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इमेज कैप्शन, एशियन फ़ुटबॉल कन्फेडरेश ने नई तारीख़ों को मंज़ूरी के लिए फ़ीफ़ा के पास भेजा जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो)
सऊदी अरब में होने वाला 2027 एशियन कप स्थगित कर दिया गया है.
देश पर हुए कई हमलों और क्षेत्र में बिगड़े हालात को देखते हुए टूर्नामेंट की तारीख़ों में बदलाव किया गया है.
पहले एशियन कप 7 जनवरी से 5 फ़रवरी 2027 तक आयोजित होने थे, लेकिन अब इसका आयोजन 23 दिसंबर 2027 से 21 जनवरी 2028 तक किया जाएगा.
एशियन फ़ुटबॉल कन्फेडरेशन (एएएफ़सी) ने अपने बयान में कहा, "क्षेत्र में मौजूदा हालात और यात्रा में आ रही दिक्कतों को देखते हुए टूर्नामेंट की तारीखें बदलने का फैसला किया गया है."
एएफ़सी ने यह भी स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट की नई तारीख़ों को मंज़ूरी के लिए फ़ीफ़ा के पास भेजा जाएगा.
गौरतलब है कि हाल ही में हूती विद्रोहियों ने रियाद एयरपोर्ट पर हमला किया था, इसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे.
इसके बाद से सऊदी अरब में सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
एसआईआर पर संसद सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने अमित शाह को दिया जवाब
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है (फ़ाइल फोंट)
कांग्रेस ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह के एसआईआर (एसआईआर) के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर पलटवार किया.
कांग्रेस ने कहा कि यदि अमित शाह इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा कराना चाहिए और एसआईआर की प्रक्रिया पर रोक लगानी चाहिए.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "खोखली बयानबाज़ी में माहिर गृह मंत्री कह रहे हैं कि वह वोट चोरी पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं. पिछले साल जब पूरे विपक्ष ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की थी, तब उन्होंने यह कहकर इनकार कर दिया था कि एसआईआर चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का मामला है."
"अगर गृह मंत्री वोट चोरी पर विशेष सत्र बुलाने को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें अपने इशारे पर काम करने वाले सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा सुनिश्चित करना चाहिए. उन्हें एसआईआर की प्रक्रिया भी रोकनी चाहिए."
जयराम रमेश ने लिखा, "परिसीमन को लेकर अपने नए प्रस्ताव उन्हें काफ़ी पहले विपक्ष के साथ साझा करने चाहिए. आखिर इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का साहस वे क्यों नहीं दिखा पा रहे हैं?"
दरअसल, जयराम रमेश की यह प्रतिक्रिया अमित शाह के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है. शाह ने लोकसभा में इस मुद्दे पर बहस के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी चुनौती दी थी.
गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री केवल 'मॉक पार्लियामेंट' में ही बन सकते हैं.